भारत में जुआ खेलने का चलन प्राचीन काल से चला आ रहा है। हम सब जानते हैं कि महाभारत युद्ध की नींव कौरवों की सभा में युधिष्ठिर द्वारा खेले गए जुए से ही पड़ी थी। न वहाँ युधिष्ठिर जुआ खेलते न उस भीषण संहारक युद्ध,जिसे महाभारत कहा जाता है, की नौबत आती।
इसी विषय पर नई दुनिया के वर्ष 1975 के दीपावली विशेषांक में मेरा एक आलेख छपा था, जिसकी एक झलक नीचे प्रस्तुत है।

